कामठी – सकल हिन्दू समाज की और से बाग्लादेश में हिंदू, बौद्ध, खिस्चन व अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले अत्याचार का निषेध करते हुवे कामठी तहसीलदार को निवेदन सौंपा सकल हिन्दू समाज ने अपने निवेदन में काहा 5 अगस्त, 2024 से जिहादी चरमपंथियों ने बाग्लादेश में अस्थिरता पैदा कर दी है। साथ ही उन्होंने शेख हसीना सरकार को भी उखाड़ फेंका है। अब वहाँ हिंदू, बौव्ध, खिश्यन व अन्य अल्पसंख्यक समाज पर हमले और अत्याचार बढ़ गए हैं। अब तक बांग्लादेश के 50 जिलों में वहाँ के हिन्दू अल्पसंख्यकों पर दो सौ से अधिक हमले हो चुके हैं, जिनमें 350 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। हिन्दू व्यापारियों, हिन्दू कलाकारों, हिन्दू नेताओं की हत्या कर दी गई है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के उत्पीडन के विरुद्ध खड़े हुए इस्कॉन साधु चिन्मय कृष्ण दास को राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के झूठे आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
देश में सता परिवर्तन के बाद बांग्लादेश में जिहादी प्रवृत्ति के लोगों द्वारा हिंदू, बौद्ध, खिस्चन व अन्य अल्पसंख्यकों पर हमले किए गए हैं। अल्पसंख्यकों के घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानी में आगजनी और लूटपाट की कई घटनाएं सामने आयी है। इसमें मन्दिर में चोरी और देवताओं के अपमान की घटनाएं शामिल हैं। महिलाओं के साथ भी बलात्कार, यौन शोषण और उनके शरीर को शत-विक्षत किया जा रहा है। दुर्भाग्य से, इन घटनाओं के दोषी खुलेआम घूम रहे हैं और केवल वैध और शान्तिपूर्ण तरीके से लड़नेवाले हिन्दुओं के धार्मिक नेताओं को दोषी ठहराया जा रहा है। वहीं की स्थानीय पुलिस, हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने को आनाकानी कर रही है, जबकि कुछ जगहों पर वे गुंडों से मिल गए हैं। शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अवैध मांग करने का आरोप लगाया गया है।

बॉलीवुड कलाकार गाजा, सौरिया, लेबनान की घटनाओं पर अपनी चिन्ता व्यक्त कर रहे हैं और हमारे देश के मानवाधिकार कार्यकर्ता बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारी पर आँख मुंद कर बैठे हैं। सकल हिन्दू समाज द्वारा भारत एवं बांग्लादेश सरकार से निम्नलिखित मांग की जा रही है कि हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचारों को तत्काल रोका जाए एवं बांग्लादेश की स्थिति की पटरी पर लाया जाए एवं वहाँ के हिंदू, बौद्ध, खिश्चन व अन्य अल्पसंख्य समाज के लिए जीवन की आसान एवं सुरक्षित बनाया जाए।
1) भारत सरकार द्वारा बांग्लादेश सरकार को हिन्दू अत्याचारों के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी जानी चाहिए।
2) मानवाधिकार संगठनों को बांग्लादेश के हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर होनेवाले हमलों एवं अत्याचारों पर ध्यान देना चाहिए और इस मुद्दे को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहिए।
3) बांगलादेश सरकार को बांग्लादेश में हिन्दुओं के जीवन और सम्पति की रक्षा और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं
को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए।
4) इस्कॉन के साधु चिन्मय कृष्ण दास को तुरन्त जेल से रिहा किया जाना चाहिए।
5) हिन्दू कलाकारों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, एथलीटों, राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ हिन्दू मन्दिरों की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
5) बांग्लादेश में पाकिस्तानी जिहादियों का हस्तक्षेप बंद कराएं।
7) हिंदू, बौदा, खिश्चन व अन्य अल्पसंख्यक समाज पर अत्याचार वा देख संयुक्त राष्ट्र में उठाया जाना चाहिए।
8) बांग्लादेश में हिंदू, बौदध, विश्चन व अन्य अल्पसंख्यक समाज की सुख की मांग करनेवाले विभिन्न राष्ट्रीय और अतर्राष्ट्रीय आंदोलनी की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। इन आठ मुद्दों का निवेदन दिया गया इस अवसर पर कामठी शहर के संपूर्ण सकल हिन्दू समाज के पदाधिकारी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।










