नप पूर्व अध्यक्ष माया चवरे की मां के मरणोपरांत नेत्रदान

25

कामठी :- मां की इच्छा का मान रखते हुए कामठी नगर परिषद पूर्व अध्यक्ष एवं रणाला निवासी बेटी माया चवरे द्वारा अपने मृत मां लीला नामदेव चवरे (85 वर्षीय) के नेत्र दान किया गया.

ज्ञात हो कि राष्ट्रसंत तूकड़ोजी महाराज, खंजरी वादक सत्यपाल महाराज व गुरुदेव सेवा मंडल के ज्ञानेश्वर रक्षक के विचारों से प्रेरित होकर महात्में नेत्र पेढ़ी से संपर्क कर माया चवरे ने मां के नेत्रदान के लिए सहमति जताई. उनकी बेटी माया चवरे ने बताया कि उनकी मां ने नेत्रदान करने का संकल्प पहले से ले रखा था. नेत्रदान के बारे में पहले से जानकारी होने के कारण उन्होंने नेत्रदान करने के लिए हामी भरी.
वहीं माया चवरे ने कहा कि हमें बेहद खुशी है कि मां के जाने के बाद उनकी आँखें किसी के जीवन की रौशनी बनेगी. महात्में नेत्र पेढ़ी विभाग के डॉक्टरों व मेडिकल कॉलेज के डॉ. मेश्राम ने बताया कि नेत्रदान होने के बाद मृतक के दोनों नेत्र दो जरूरतमंदों को ट्रांसप्लांट हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि नेत्रदान तभी संभव हो पता है जब मृतक का परिवार नेत्रदान करने के लिए आगे आए.
उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण अधिकतर लोग नेत्र दान से पीछे हट जाते हैं. नेत्र दान सर्वश्रेष्ठ दान तो है ही, साथ ही यह मानवता के प्रति हित में उठाया गया महान कदम है. इससे किसी का अँधेरा जीवन उजाले से भर जाएगा. नेत्रदान मरने के बाद भी जिन्दा रहने का अनमोल वरदान हैं. मरने के बाद जो व्यक्ति नेत्रदान करता हैं, सही मायने में उसका जीवन सफल एवं सम्माननीय हैं.
उपरोक्त नेत्रदान किए जाने पर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिती, सेवादल शिक्षण संस्था, शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपुर, रा.तु.म. नागपुर विद्यापीठ, मराठी अभ्यास मंडळ, दि. शेड्युल्ड कास्ट एंड बुद्धिस्ट पेंशनर असोसिएशन नागपुर, गुरुवंदन, ग्राम संरक्षण दल महाराष्ट्र की ओर से माया चवरे का मनःपूर्वक अभिनंदन किया गया.